Coronavirus Essay In Hindi For Class 5 to 8 l कोरोना वायरस पर निबंध

कोरोनावायरस पर यह निबंध बहुत ही सरल भाषा में लिखी गई है। यह कक्षा 5, 6, 7 एवं 8 वर्ग के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया है। आगे आने वाले परीक्षाओं में महत्वपूर्ण प्रश्न है। इसे पढ़कर बच्चे अपने ज्ञान को बढ़ा सकते हैं तथा परीक्षा की तैयारी में इससे सहायता ले सकते हैं।

अगर आप class 9-12 तक के छात्र हैं तो आप इसे पढ़ने के बाद इसे जरूर पढ़े - कोरोना नियंत्रण पर निबंध । Essay in Hindi for class 9 to 12 । यह आपको ध्यान में रखकर बनाया गया है। 


 Essay On Coronavirus In Hindi 


कोरोना वायरस एक ऐसा विषाणु है जो मानव को संकट में डाल दिया है।यह मानव से मानव में फैलने वाला विषाणु है। इसको रोकना वैज्ञानिकों के लिए एक चुनौती है। इसकी प्रकृति के बदलाव ने हमें और भी संकट में डाल दिया है। 


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कोरोना वायरस का इतिहास

कोरोना वायरस का इतिहास - कोरोना वायरस, 2019 में चाइना के वुहान शहर के सी-फूड मार्केट से प्राणियों से मनुष्य में फैला । आज तक विश्व के हर देश में यह विषाणु अपना प्रभाव दिखा रहा है। इसी कारण से इस वायरस को डब्ल्यू.एच.ओ ने इसे ग्लोबल हेल्थ एमरजैंसी घोषित किया है।


कोरोना वायरस के लक्षण

यह वायरस मनुष्य से मनुष्य में बहुत तेजी से फैलता है। इसके मुख्य लक्षण, बुखार, सांस में तकलीफ, सर्दी, खांसी है। सांस की तकलीफ इतनी बढ़ जाती है कि व्यक्ति की मृत्यु तक हो जाती है। निमोनिया जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। जब व्यक्ति खांसी छींक के समय फेफड़े से तरल पदार्थ बाहर निकलता है, और वह तरल पदार्थ किसी सजीव और निर्जीव वस्तु पर गिरती है और यदि कोई मनुष्य उसे छूता है तो उसके सहारे विषाणु उसके नाक और मुंह के रास्ते उसके फेफड़े में प्रवेश कर जाता है। और वह मनुष्य इस संक्रमण से ग्रसित हो जाता है।


कोरोना योद्धा का योगदान


कोरोना नियंत्रण में कोरोना योद्धा के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता । डॉक्टर, नर्स, पुलिस, ग्राम स्तर पर सहिया तथा अनेक सामाजिक संगठनों ने अपने- अपने स्तर से बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया। तथा इसके नियंत्रण में सहयोग दिया। जिस कारण कोरोना को नियंत्रण करने में सहायता मिली। भारत में तो कोरोना योद्धा हर एक व्यक्ति बन गया, तभी तो कोरोना को नियंत्रण करने में भारत विश्व में सबसे आगे है। यहां का मृत्यु दर विश्व में सबसे कम है। यह कोरोना योद्धा और उनके द्वारा किया गया कार्य को अनुशासित ढंग से अनुसरण करने का परिणाम है।


कोरोना वायरस से बचाव के उपाय 

जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती, इसका बचाव ही समाधान है। हमें निम्न बचाव करना चाहिए:

  • सरकार के गाइडलाइन का पालन करके
  • कोरोना वैरीयस का सम्मान करके 
  • घर में सुरक्षित रहकर  
  • मास्क का उपयोग करके 
  • दो गज की दूरी रखकर 
  • गर्म खाना खाकर 
  • साबुन से हाथ धो कर 
  • सैनिटाइजर का प्रयोग करके 
  • सकारात्मक सोच रख कर 

जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती इसका पालन करना चाहिए। 



वैक्सीन की स्थिति

इस वायरस से बचने का एकमात्र उपाय वैक्सीन है। अभी तक विश्व में अनेक शोध कार्य हुए, वैक्सीन बन गई है लेकिन वह मानव तक नहीं पहुंची है।आशा है जल्दी वैक्सीन आ जाए और हम सभी स्वस्थ हो जाएंगे तथा संक्रमण पर नियंत्रण पा सकेंगे।


निष्कर्ष

निष्कर्ष रूप में हम कह सकते हैं कि कोरोना वायरस के कारण इसके नियंत्रण में पूरा देश, पूरा समाज तथा विश्व के लोग लगे हैं। हमें सकारात्मक सोच रख कर, सावधान रहकर, सरकार के गाइडलाइन का पालन करके, कोरोना बेरियर का सम्मान करके, घर में रहकर, दो गज की दूरी रखकर, हाथ हर घंटे धोकर, यदि जीवन में एक रूटीन की तरह लागू कर दें तो शायद कोरोना वायरस को नियंत्रित किया जा सकता है।  जब तक वैक्सीन नहीं आ जाती हमें नियमित रूप से एक दैनिक कार्यक्रम की तरह सारे कार्य करनी चाहिए।


आशा करते हैं कि यह निबंध पढ़ने के बाद आपके ज्ञान की वृद्धि में सहायक होगी। निबंध पढ़ने के बाद यदि आपको लगे कि आपका ज्ञान विकसित हुआ। तो आप अपने दोस्तों के साथ शेयर कर सकते हैं। आगे मैं परीक्षा के दृष्टिकोण से संबंधित निबंध को आपकी जरूरत के अनुसार देने का प्रयास करूंगा।


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