कोरोना नियंत्रण पर निबंध । Essay in Hindi for class 9 to 12

corona essay in hindi

कोरोना पर नियंत्रण निबंध लिखने का मुख्य उद्देश्य यह है कि कक्षा 9 से 12 तक के सभी विद्यार्थियों को आने वाले परीक्षा में यह विचारणीय निबंध 200, 300 तथा 350 शब्दों में या प्रतियोगिता की परीक्षाओं में 500 से 1000 शब्दों में आने की पूरी संभावना है मैं लगभग 1000 शब्दों का यह निबंध लिखा हूं, आप अपनी कक्षा के अनुसार छोटा या बड़ा कर सकते हैं इससे आपका मार्गदर्शन होगा यही मेरा उद्देश्य है


कोरोना नियंत्रण पर निबंध 


इतिहास साक्षी है, मानव अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए असंभव से असंभव कार्य को अपने विवेक से नियंत्रित कर सकता है। जब व्यक्ति आपदाओं में, संकटों में घिर जाता है, अनियंत्रित हो जाता है, तो मानव मस्तिष्क कंप्यूटर से भी तीव्र गति से अपनी कार्य क्षमता के बल पर नियंत्रण कर सकती है।

वर्तमान परिस्थितियों में जब कोरोना महामारी एक दैत्य की तरह चारों तरफ से प्रहार कर रही है, हमारी राजनैतिक, सामाजिक, आर्थिक, धार्मिक, यहां तक की व्यक्तिगत प्रेम पर आघात कर रही है, हमला कर रही है। मनुष्य इस दैत्य के सामने लाचार और विवश अनुभव कर रहा है। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए मनुष्य का पहला कर्तव्य यह बनता है की इसके निवारण में बढ़ चढ़कर हिस्सा लें। ताकि जीवन मूल्यों को बचाया जा सके, नियंत्रित किया जा सके।

कोरोना नियंत्रण के लिए मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं।

  • मानव द्वारा प्रयास 
  • अनुशासित नागरिक बनकर 
  • सामाजिक दूरियां रखकर 
  • आत्मनिर्भर होकर 
  • भारत सरकार तथा राज्य सरकार के गाइडलाइन का पालन करके
  •  फ्रंटलाइन कोरोना बैरियर को सम्मान देकर 
  • इम्यूनिटी बढ़ाकर
  • औषधियों का निर्माण कर के
  • शोध कार्य कर वैक्सीन का निर्माण कर के
  •  मास्क का उपयोग कर के सैनिटाइजर का उपयोग कर के
  • गर्म जल पीकर, गर्म खाना खाकर

ऐसे छोटे-छोटे मानव द्वारा प्रयास है, जो कोरोना के नियंत्रण में सहायक है।



corona essay in hindi




मानव द्वारा प्रयास:  

कोरोना के नियंत्रण में मानव द्वारा व्यक्तिगत, सामाजिक तथा राजनीतिक प्रयास जारी है। कोरोना ने जितना भय पैदा किया, जिससे मानव कोरोना से कम करोना के भय से ज्यादा ग्रसित है । मानव ने इसका अनुभव किया। इस पर हम धैर्य तथा विवेक का इस्तेमाल कर नियंत्रण पा सकते हैं।

अनुशासित नागरिक बनकर: 

कोरोना महामारी की प्रकृति हमें भीड़ से बचने का संदेश देती है। भारत का एक नागरिक होने के नाते मेरा यह कर्तव्य बनता है कि एक अनुशासित नागरिक बनकर इसके नियंत्रण में योगदान दें। तथा दूसरे नागरिकों को भी इसके लिए प्रेरित करें। तभी इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

सामाजिक दूरियां रखकर:

दो गज की दूरी यह है बहुत जरूरी। प्रधानमंत्री का यह संदेश और उसका अनुपालन कर हम कोरोना पर अंकुश रख सकते हैं। ऐसा करने से कोरोना के क्रम को रोका जा सकता है। और अंत में उस पर नियंत्रण किया जा सकता है।

आत्मनिर्भर बनकर: 

व्यक्ति अपना हर कार्य स्वयं करें। दैनिक जीवन के कार्यक्रमों जैसे नहाना, दाढ़ी ,बाल बनाना आदि। घरेलू कार्य पर अपनी आत्मनिर्भरता निश्चित करना। दैनिक जीवन में उपयोगी  वस्तुएं जैसे तौलिया, रुमाल, मास्क, तकिया का खोल, अंडर गारमेंट्स कि साबुन से धुलाई, स्नान करना। ऐसी स्थिति में हम आत्मनिर्भर होकर कॉरॉना को पस्त कर सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि हम आत्मनिर्भर बने।

घर में रहें सुरक्षित रहें:


corona essay in hindi


घर से निकलने से बचना चाहिए ।अति आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए ।अधिकांश कार्य फोन के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्था के तहत करना कोरोना काल में कोरोना के नियंत्रण में सहायक सिद्ध होगी ,कारगर सिद्ध होगी। पैसे का लेन देन  ऑनलाइन करके कोरोना को काबू में किया जा सकता है।

भारत सरकार तथा राज्य सरकार के गाइडलाइन का पालन करके:

किसी भी समस्या को अनियंत्रित अवस्था को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा गाइडलाइन निश्चित किया जाता है अगर हम ऐसी विषम परिस्थितियों में उसका अक्षरशः करें। तो इसके प्रभाव को कम किया जा सकता है। सरकार के गाइडलाइन का पालन राष्ट्रहित के लिए अति आवश्यक है।

फ्रंटलाइन कोरोना बैरियर का सम्मान देकर:


corona essay in hindi


इससे मुकाबला करने के लिए  यह आवश्यक है कि सबसे पहले  कोरोना नियंत्रण के लिए कोरोना फ्रंटलाइन बैरियर  रहते हैं। हमारा नैतिक जिम्मेदारी बन जाता है की जो व्यक्ति अपने जीवन को संकट में डाल कर हर व्यक्ति की सेवा भाव के लिए आगे आया है उसका सम्मान किया जाए इस समय हमें उनलोगों का सम्मान करना चाहिए, उनके त्याग आदर्शों को समाज में प्रचारित करना चाहिए, प्रसारित करना चाहिए ,तभी हम कोरोना की लड़ाई में  एक कदम आगे बढ़ा सकते हैं।

इम्यूनिटी बढ़ाकर:

कोरोना की प्रकृति से हमें लड़ने के लिए इम्यूनिटी बढ़ाना होगा। इम्यूनिटी बढ़ने से हम खुद अपनी रक्षा के साथ-साथ समाज की  रक्षा की है। हमें इसके लिए आयुर्वेदिक औषधियां, काढ़ा, तथा विटामिन 'c' के इस्तेमाल कर इम्यूनिटी बढ़ा सकते हैं। तथा इस महान आपदा से लड़ सकते हैं, उसे नियंत्रित कर सकते हैं।

शोध कार्य कर:

जब तक कोरोना और उसके प्रकृति पर शोध कार्य नहीं किया जाएगा, उस पर अंकुश लगाना मुश्किल प्रतीत होता है। अगर हम इस विषाणु की प्रकृति, उसके जीवन चक्र, उसके विकसित होने का स्वरूप, मानव को साथ घुल-मिल कर उसके विकास पर शोध कार्य कर लिया जाए तो हम इस विषाणु को नियंत्रित कर सकते हैं। उसके विकसित होने पर अवरोध पैदा कर सकते हैं। यह तो शोध कार्य पर ही निर्भर है।

औषधियों का निर्माण कर:

भारत जैसे विकासशील देश में औषधियों की कमी नहीं है। आयुर्वेदिक दवाइयां, अनेक कंपनियों की मिश्रित दवाइयां, ना जाने कितने ही दवाइयां बनकर तैयार है। जो कोरोना को पर्याप्त रूप से नष्ट कर सकती है। हमें यह प्रयास करना चाहिए कि उन दवाओं का भी सेवन कर, उसके निर्माण में तब्दीलियां करके इस परिस्थिति में प्रयोग किया जाए। ताकि हम कोरोना पर नियंत्रण कर सकें।

धैर्य रखकर:

कोरोना की प्रकृति का अध्ययन देश विदेश में जारी है। इसकी प्रकृति में बदलाव नजर आ रहे हैं। ऐसी स्तिथि में इस पर विजय पाना टेढ़ी खीर है। फिर भी आगे की रणनीति बनानी चाहिए। तभी इस पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

दैनिक जीवन में:

हमें घर के छोटे-मोटे कार्य करने से पहले कोरोना का ध्यान रखना चाहिए। मास्क का प्रयोग, हाथ नियमित रूप से धोना, गर्म जल का प्रयोग, गर्म खाना का प्रयोग, घर को सनिटाइज रखना, ऐसी बातों पर ध्यान रखा जाए। घर में रहें, सुरक्षित रहें। यह भावना विकसित की जाए तो आने वाला कल मानव का होगा। इन छोटी- मोटी कार्य द्वारा हम कोरोना पर नियंत्रित कर सकते हैं।


निष्कर्ष रूप में हम कह सकते हैं कि इस पर नियंत्रण के लिए सामाजिक दूरियों के साथ-साथ देश की गाइडलाइन, भारत सरकार तथा राज्य सरकार के गाइडलाइन, का अक्षरशः पालन कर एक सजग प्रहरी की तरह रह कर उत्तरदायित्व का निर्वाह करते हुए अनुशासित नागरिक बनकर विवेक के साथ फ्रंटलाइन कोरोना बैरियर का सम्मान कर करते हुए, घर में सुरक्षित रह कर, ऑनलाइन प्रक्रियाओं द्वारा, शैक्षणिक कार्य, दैनिक जीवन का कार्य, लेन देन में बदलाव कर, आत्मनिर्भर बनकर, इम्यूनिटी बढ़ाकर, भारत जैसे विकासशील देश की अधिक आबादी को ध्यान में रखकर, सतर्क रह कर, विश्व की अन्य घटनाओं को ध्यान में रख कर तथा उपरोक्त बिंदुओं की उपयोगिता तब बढ़ जाती है। इस प्रकार हम कह सकते हैं कि घर में रहे, सुरक्षित रहें। इस प्रकार सब्र से कोरोना पर नियंत्रण कर सकते हैं।


अगर यह निबंध पढ़ने के बाद आपको निबंध लेखन में बेहतर करने की क्षमता विकसित हो या यह थोड़ा सा भी सहायक हो, तो कमेंट कर सकते हैं
। अपने सहपाठी को शेयर कर सकते हैं। अगर कोई और निबंध के बारे में मेरा अनुभव चाहते हैं या लाभ लेना चाहते हैं तो हमें लिख सकते हैं। मैं अपनी योग्यता और क्षमता के आधार पर लिखने का सफल प्रयास करूंगा।








0 टिप्पणियाँ